सिडकुल हरिद्वार में पैकिंग की नौकरी।
फ़ैक्टरी की लाइन और पैकिंग हॉल में पैकिंग का काम। अपनी आवाज़ में अपने बारे में बताइए, सही काम होने पर हम आपको फ़ोन करेंगे।
काम क्या है।
सिडकुल और पूरे हरिद्वार के फ़ार्मा, FMCG और दूसरे प्लांट की पैकिंग लाइन और हॉल। फ़ार्मा पैकिंग में साफ़-सफ़ाई के सख़्त नियम होते हैं: ख़ास कपड़े, कोई ज़ेवर नहीं और अंदर जाने के तय तरीक़े। शिफ्ट जॉइन करने से पहले आपसे बात करके तय होती है।
हम जिन लोगों को काम पर रखते हैं, वे हमारे रिकॉर्ड में होते हैं, लागू होने पर EPF और ESIC के साथ।
- लाइन पर माल को कार्टन, केस और पाउच में पैक करना
- लेबल लगाना, बैच कोडिंग और प्रिंट चेक करना
- गिनती, तौल और सीलिंग
- पैक चेक करना और ख़राब पैक अलग रखना
- तैयार केस डिस्पैच के लिए लगाना
किसके लिए
- फ़्रेशर: फ़ैक्टरी में पैकिंग अक्सर पहली नौकरी होती है
- जिन्होंने किसी भी प्लांट में पैकिंग या लाइन का काम किया है
- जो गिनती और लेबल ध्यान से देखें और पूरी शिफ्ट खड़े होकर काम कर सकें
भेज सकें तो अच्छा
- 10वीं या 12वीं की मार्कशीट
- अनुभव का कोई पत्र या सैलरी स्लिप
- रिज़्यूमे, अगर हो
और किन कामों के लिए
सवाल
इस काम के बारे में।
क्या पैकिंग की नौकरी के लिए अनुभव ज़रूरी है?
आम तौर पर नहीं। पैकिंग का ज़्यादातर काम साइट पर सिखाया जाता है। पहले किसी फ़ार्मा या FMCG प्लांट में पैकिंग की है तो बताइए कहाँ; कुछ साइटें ऐसा अनुभव पसंद करती हैं।
क्या महिलाएँ पैकिंग की नौकरी के लिए अप्लाई कर सकती हैं?
हाँ। पैकिंग का काम महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए है। बताइए आप किन शिफ्टों में काम कर सकती हैं, और जॉइन करने से पहले हम साइट की शिफ्ट का समय बताते हैं।
फ़ार्मा पैकिंग में क्या अलग होता है?
फ़ार्मा पैकिंग में क्लीन-रूम के नियम चलते हैं: ख़ास कपड़े, हाथों की सफ़ाई, फ़्लोर पर फ़ोन नहीं और बैच का पूरा रिकॉर्ड। साइट इंडक्शन में ये सब सिखाती है।
क्या कोई फ़ीस है?
नहीं। Vayasya Seva नौकरी चाहने वालों से कभी कोई पैसा नहीं लेती। अगर कोई हमारे नाम पर पैसे माँगे तो न दें, और हमें बताएँ।